आनलाईन फ्राड और साइबर अपराधो से बचने के लिए जागरूक होना जरुरी।
कुरुक्षेत्र 12 जनवरी। आमजन को साईबर अपराधों और उनसे बचने के बारे में जागरूक करने के लिए पुलिस विभाग द्वारा प्रयास लगातार जारी है। पुलिस अलग-अलग तरीकों से आमजन को जागरूक करके अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने का बीड़ा उठाया है। पुलिस विभाग द्वारा जहां शिक्षण संस्थानों में विधार्थियों को जागरूक कर रही है वहीं आम लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किये जा रहें हैं ।
जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक कुरुक्षेत्र श्री नीतीश अग्रवाल ने कहा कि साईबर ठगों के निशाने पर हर वह आदमी है, जो किसी भी डिजिटल माध्यम से जुड़ा है। फिर चाहे वह इंटरनेट मीडिया हो या फिर इंटरनेट बैंकिंग। बदलते वक्त के साथ साईबर ठगों ने अपने पैंतरे भी बदले हैं। साईबर ठग इंटरनेट मीडिया के जरिए लोगों को कभी पेंसन स्कीम का लालच देते हैं, तो कभी सोशल मीडिया शादी निमन्त्रण कार्ड भेजकर, कभी फर्जी लोन एप्प के माध्यम से, कभी बिना आर्डर का पार्सल भेजकर तो कभी कॉल फॉरवर्डिंग करके और कभी किसी व्यक्ति की ई-मैल, व्यटसएप, फेसबुक आईडी पर शादी का निमंत्रण पत्र के रूप में लिंक भेजकर शातिर उनको साईबर ठगी का शिकार बनाने से नहीं चुकते। आजकल ठग पर फोटो भेजकर व्हाट्सएप कॉल करते हैं और उनके द्वारा व्हाट्सएप पर भेजी गई फोटो को पहचान के लिए कहते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति उस फोटो या लिंक पर क्लिक करता है उसके फोन में एक वायरस या हैकिंग एप इंस्टॉल हो जाता है और उसके माध्यम ठगी उसका खाता खाली कर देते हैं। ऐसे में आमजन को इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि वह अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई किसी भी फोटो पर क्लिक ना करें तथा बैंकिंग एप्स को सुरक्षित लॉक करके रखें तथा अपनी निजी जानकारी को किसी भी व्यक्ति से सांझा करने से बचें ।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि साइबर जालसाजी से बचने का सबसे बेहतर तरीका है जागरूक होना। उसके बाद भी अगर ठगी हो जाये तो नैशनल साईबर हैल्पलाइन 1930 पर कॉल करें। अगर साईबर हैल्पलाइन पर समय रहते शिकायत की जाए तो आम आदमी की मेहनत की कमाई बचाई जा सकती है। 1930 पर तुरन्त शिकायत करनें पर आपका पैसा सुरक्षित वापिस आ सकता है ।













