फूड सप्लाई विभाग ने 758798 और हैफेड ने खरीदा 233597 मीट्रिक टन धान, अब तक 956841 एमटी धान उठान का कार्य हुआ पूरा, संबंधित अधिकारी निरंतर रख रहे है मंडियों पर नजर
कुरुक्षेत्र ( विक्रम सिंह ) उपायुक्त शांतनु शर्मा ने कहा कि जिला कुरुक्षेत्र की मंडियों व खरीद केन्द्रों में 28 अक्टूबर 2023 तक खरीद एजेंसियों ने 9 लाख 92 हजार 395 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। इसमें से फूड एंड सप्लाई ने 7 लाख 58 हजार 798 एमटी और हैफेड ने 2 लाख 33 हजार 597 मीट्रिक टन धान की खरीद की है। अब तक 153684 किसानों की धान की फसल की खरीद की जा चुकी है, जिसमें से फूड एंड सप्लाई विभाग द्वारा 122641 किसानों और हैफेड द्वारा 31043 किसानों की धान की फसल खरीदी गई है।
उपायुक्त शांतनु शर्मा ने बातचीत करते हुए कहा कि जिला कुरुक्षेत्र के सभी मंडियों व खरीद केंद्रों से सभी एजेंसियों के खरीद कार्य व उठान कार्य से संबंधित रिपोर्ट डीएफएससी द्वारा एकत्रित की जा रही है। जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक की रिपोर्ट के आधार पर जिला कुरुक्षेत्र की अमीन मंडी में 2161 एमटी, अजराना कलां मंडी में 3461 एमटी, बाबैन मंडी में 57843 एमटी, बारना मंडी में 1113 एमटी, भौर सैयदां मंडी में 4807 एमटी, चढुनी जाटान में 3276 एमटी, गुमथला गढु में 36376 एमटी, इस्माईलाबाद में 105957 एमटी, झांसा में 25677 एमटी, कुरुक्षेत्र मंडी में 188476 एमटी, लाडवा मंडी में 134558 एमटी, लुखी मंडी में 1127 एमटी, मलिकपुर मंडी में 5713 एमटी, नलवी मंडी में 3872 एमटी, नीमवाला मंडी में 1353 एमटी, पिहोवा मंडी में 210114 एमटी, पिपली मंडी में 53793 एमटी, शाहबाद मंडी में 119242 एमटी, थाना मंडी में 4425 एमटी व ठोल मंडी में 29051 एमटी धान की फसल खरीद एजेंसियों द्वारा खरीदा गया है।
उन्होंने कहा कि कहीं पर भी किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं है, अगर कोई दिक्कत आती है तो उसे तुरंत दुरुस्त किया जा रहा है। सभी मंडियों में बारदाना पर्याप्त मात्रा में पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 28 अक्टूबर 2023 तक जिला कुरुक्षेत्र की मंडियों व खरीद केन्द्रों से 9 लाख 92 हजार 395 मीट्रिक टन धान आवक हो चुकी है। इस आवक में से फूड सप्लाई विभाग ने 7 लाख 34 हजार 168 मीट्रिक टन व हैफेड ने 2 लाख 22 हजार 673 मीट्रिक टन धान उठान कार्य सहित कुल 9 लाख 56 हजार 841 एमटी धान उठान कार्य पूरा कर लिया है। उपायुक्त ने कहा कि सभी अधिकारियों व एसडीएम को निर्देश दिए गए है कि अपनी-अपनी मंडियों में मौके पर जाकर प्रशासन द्वारा दी जा रही सुविधाओं का मूल्यांकन करें। फील्ड में जाकर किसानों, व्यापारियों की समस्याओं को सुनें और उनका मौके पर समाधान करने का प्रयास करें।
