गुमशुदा व्यक्तियों व बच्चों की तलाश के लिए पुलिस ने चलाया विशेष अभियान: एसपी

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पुलिस अधीक्षक चन्द्र मोहन
पुलिस अधीक्षक चन्द्र मोहन

संपादक विक्रम सिंह 

1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक जिला भर में चलेगा “आप्रेशन स्माईल”

हरियाणा पुलिस द्वारा अप्रैल माह में गुमशुदा बच्चों व व्यक्तियों की तलाश के लिए एक महीने का स्पैशल अभियान “आप्रेशन स्माईल” चलाया जा रहा है। कुरुक्षेत्र पुलिस द्वारा पुलिस अधीक्षक चन्द्र मोहन के मार्ग-निर्देश में “आप्रेशन स्माईल” के लिए एक टीम का गठन किया गया है।

पुलिस अधीक्षक चन्द्र मोहन ने कहा कि उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गुमशुदा बच्चों की तलाश करने,मजदूरी करने व भीख मांगने वाले बच्चों को रेस्क्यू करने के लिए जिला पुलिस द्बारा ऑप्रेशन समाईल चलाया जा रहा है। ऑपरेशन के तहत गुमशुदा, लेबर करने या भीख मांगने वाले बच्चों को रेस्क्यू करके उनकी काउंसलिंग की जाती है। उनके माता-पिता को अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए जागरूक किया जाता है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिला पुलिस का यह अभियान बहुत ही सराहनीय है जिससे बहुत से बच्चों का जीवन सकारात्मक दिशा में पथ प्रदर्शित होगा और वह पढ़ लिखकर एक अच्छे समाज का निर्माण करेंगे। उन्होंने कहा कि बच्चे इस देश का भविष्य है और शिक्षा किसी भी इंसान के लिए बहुत जरूरी होती है। शिक्षा के माध्यम से इंसान ज्ञान की प्राप्ति करता है और इसके साथ साथ वह नैतिक रूप से भी समृद्ध बनता है जो अपने साथ-साथ अपने समाज के लिए कार्य करता है। उन्होंने कहा कि बच्चों के माता-पिता को भी चाहिए कि वह अपने बच्चों को स्कूल भेजकर शिक्षा दिलवानी चाहिए ना कि छोटी उम्र में भीख मांगने या लेबर कार्य में लगाकर उनके भविष्य को अंधेरे में धकेलना चाहिए।

ऑप्रेशन स्माईल के तहत जिला पुलिस टीम ने 1 बच्चे को किया रेस्क्यू, किया माता-पिता के हवाले ।

जानकारी देते हुए पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस अधीक्षक चन्द्र मोहन की देखरेख ऑप्रेशन स्माईल अभियान के तहत जिला पुलिस की टीम द्वारा कारवाई की जा रही है।  जानकारी देते हुए पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि 3 अप्रैल को आप्रेशन स्माईल टीम प्रभारी सहायक उप निरीक्षक विजय कुमार के नेतृत्व मे सिपाही सुनील व एसपीओ अमरजीत की टीम ने थाना सदर थानेसर एरिया पीपली अनाज मंडी से मजदूरी करते एक बच्चो को रैस्क्यू किया है। बच्चे की बाल कल्याण समिति के सम्मुख पेश करके काउसलिंग करवाई गई। बच्चे के परिवार को ढूंढकर उनकी भी काउसलिंग की गई तथा बच्चे को माता-पिता के हवाले किया गया।

 

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