छीनाझपटी मामले के तीन आरोपियों को सुनाई कारावास व जुर्माने की सजा ।

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लाडवा/कुरुक्षेत्र ( विक्रम सिंह )  जिला कुरुक्षेत्र के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री आशू कुमार जैन की अदालत ने छीनाझपटी के तीन आरोपियों को कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश श्री आशू कुमार जैन की अदालत ने छीनाझपटी के आरोप में अभिषेक कुमार पुत्र राजेन्द्र सिंह, अमरदीप पुत्र धर्मबीर व नितिन कुमार पुत्र अमरजीत वासीयान बन थाना लाडवा जिला कुरुक्षेत्र को 10/10 वर्ष कारावास व 25/25 हजार रुपये जूर्माने की सजा सुनाई।

जानकारी देते हुए उप जिला न्यायवादी राजकुमार ने बताया कि दिनांक 01 अप्रैल 2020 को नरेंद्र कुमार पुत्र सुरेन्द्र कुमार  वासी लाडवा ने थाना लाडवा में दी अपनी शिकायत में बताया कि वह ई-चलानिंग ब्रांच रादौर में हवलदार के पद पर तैनात है। दिनांक 01 अप्रैल 2020 को वह अपनी ड्यूटी समाप्त करके अपनी मोटरसाईकिल पर अपने घर लाडवा के लिये चला था।  रात करीब 8 बजे जब वह बन बस अड्डे के पास पहुंचा तो वह उसके मोबाईल पर फोन आया तो वह फोन सुनने के लिए रूक गया और फोन कर फोन सुनने लगा । उसी समय एक मोटरसाईकिल पर 3 नौजवान लड़के आए और उसके आगे मोटरसाईकिल लगाकर उसके साथ मारपीट की तथा उसका मोबाईल, पर्स छीनकर भाग गए। जिसकी शिकायत पर थाना लाडवा में मामला दर्ज करके जांच उप निरीक्षक विजय कुमार को सौंपी गई थी। जांच के दौरान पुलिस टीम ने मामले में आरोपी अभिषेक कुमार पुत्र राजेन्द्र सिंह, अमरदीप पुत्र धर्मबीर व नितिन कुमार पुत्र अमरजीत वासीयान बन थाना लाडवा जिला कुरुक्षेत्र को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपियों को अदालत में पेश करके अदालत के आदेश से कारागार भेज दिया था। मामले में जांच पूरी होने के पश्चात पुलिस ने मामले का चालान माननीय अदालत में दिया गया था।

मामले की नियमित सुनवाई करते हुए 17 नवम्बर 2023 को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री आशू कुमार जैन की अदालत ने गवाहों व सबूतों के आधार पर छीनाझपटी करने के आरोपी अभिषेक कुमार पुत्र राजेन्द्र सिंह, अमरदीप पुत्र धर्मबीर व नितिन कुमार पुत्र अमरजीत वासीयान बन थाना लाडवा जिला कुरुक्षेत्र को धारा 379-बी आईपीसी के तहत 10/10 वर्ष कारावास व 25/25 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई व जुर्माना न भरने की सूरत में 6 माह की अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी। आरोपी नितिन कुमार को धारा 201 आईपीसी के तहत 1 वर्ष कारावास व 25 हजार रुपये जुर्माना की सजा अलग से सुनाई गई ।  

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