संपादक विक्रम सिंह
-साइबर अपराध से बचने के लिए जागरूकता जरूरी, थोड़ा सा सतर्क रहकर स्वयं को व परिजनों को सुरक्षित रखें
-उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने सुरक्षित इंटरनेट दिवस-2026 के उपलक्ष्य में आयोजित सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से कार्यशाला को किया संबोधित
कुरुक्षेत्र, 10 फरवरी। DC उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि आज के दौर में हम तकनीक से दूर नहीं रह सकते, लेकिन स्मार्ट तकनीक के चयन के साथ सुरक्षित विकल्प चुनना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। सुरक्षित इंटरनेट के उपयोग के लिए जागरूकता एवं सतर्कता जरूरी है। यदि हम इस दिशा में थोड़ा सा भी ध्यान दें दें तो बड़े साइबर अपराध को रोक सकते हैं। इसके लिए अपने पासवर्ड मजबूत रखें। टू स्टेप वेरिफिकेशन जैसे विकल्पों पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने विशेष रूप से एआई के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा करते हुए कहा कि एआई का उपयोग एक सहायक उपकरण के रूप करें, लेकिन इसके द्वारा जनित सूचना पर आंख मूंदकर विश्वास न करें और हमेशा तथ्यों की जांच करें। इस तकनीक का उपयोग सावधानी और जिम्मेदारी के साथ करें।
KURUKSHETRA DC उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा मंगलवार को नए लघु सचिवालय के सभागार में सुरक्षित इंटरनेट दिवस-2026 के उपलक्ष्य में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से कार्यशाला में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। उन्होंने स्मार्ट तकनीक, सुरक्षित विकल्प, एआई के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग पर बल दिया। DC उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा को डीआईओ विनोद सिंगला ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस मौके पर नगराधीश आशीष कुमार भी मौजूद रहे। मंच का संचालन एआईपीआरओ AIPRO बलराम शर्मा ने किया।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने साइबर अपराध से बचने के लिए आवश्यक टिप्स दिए और कहा कि हम सभी को जागरूक होना चाहिए। अनावश्यक रील्स पर समय बर्बाद न करें। असुरक्षित लिंक्स पर क्लिक न करें। सुरक्षित इंटरनेट के उपयोग को लेकर महत्वपूर्ण सुरक्षा टिप्स दिए गए। उन्होंने कहा कि अपने सभी डिजिटल अकाउंट्स के लिए (टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन) जैसे उपाय करें। सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें और प्राइवेसी सेटिंग्स को नियमित रूप से चेक करें। एआई प्लेटफॉर्म पर कभी भी अपनी संवेदनशील या गोपनीय जानकारी इनपुट साझा न करें। संदिग्ध लिंक और फिशिंग ईमेल से सावधान रहें।
उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की ऑनलाइन धोखाधड़ी या साइबर क्राइम की घटना होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर सूचना दें। क्योंकि साइबर धोखाधड़ी के मामलों में जितना जल्दी सूचना पुलिस व अन्य संबंधित एजेंसियों तक पहुंचती है साइबर अपराध को रोकने की संभावना उतना ज्यादा होती है।
डीईओ विनोद सिंगला ने कहा कि यह कार्यक्रम इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तत्वावधान में सूचना सुरक्षा शिक्षा और जागरूकता परियोजना और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य साइबर स्वच्छता को बढ़ावा देना और नागरिकों को प्रमुख साइबर खतरों से बचाना है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग धोखाधड़ी, यूपीआई फिशिंग, फेक लिंक और अन्य ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए आमजन को सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
कार्यक्रम में सीएमजीजीए मुस्कान यादव, एडीआईओ भारती, प्रोग्रामर राजीव और राम वधवा ने सुरक्षित इंटरनेट के बारे में विस्तार से जानकारी दी।















