मंडियों में पड़ी लाखों क्विंटल फसल बारिश में तबाह: गेहल सिंह संधू
खट्टर सरकार को किसानों की कोई फिक्र नहीं : गेहल सिंह संधू
पेहवा ( विक्रम सिंह ) आम आदमी पार्टी के लीगल सेल के प्रदेश उपाध्यक्ष गेहल सिंह संधू ने बुधवार को बयान जारी करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने धान का एक्सपोर्ट बंद कर रखा है। नियम ऐसे बना दिए कि 1200 डॉलर प्रति टन के कम दाम पर एक्सपोर्ट नहीं कर सकते, इसलिए एक्सपोर्टर धान नहीं खरीद रहे। इसके कारण किसानों को इस साल प्रति क्विंटल 700 रूपए का आर्थिक नुकसान हो रहा है। खरीद सीजन के बाद एक्सपोर्ट से बैन हटा दिया जाएगा। ये किसानों के साथ साजिश के तहत ऐसा किया जा रहा है। केंद्र सरकार को तुरंत चावल निर्यात खोलना चाहिए। जिससे किसानों को सही दाम मिल सकें।
उन्होंने कहा कि न किसानों को एमएसपी मिल रहा, न मुआवजा मिलता और न ही डीएपी खाद मिल रही है। वहीं उन्होंने कहा मंडियों में किसान अपनी फसल लेकर बैठे हैं, उन्हें गेट पास और टोकन नहीं मिल रहे हैं। प्रदेश के कई जिलों में मंडियों में खुले में पड़ी फसल बारिश में भीग गई।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई जिलों की मंडियों में लाखों टन धान बारिश खराब होने के कगार पर है। पहले ही सरकारी एजेंसियां धान में नमी बताकर खरीद नहीं कर रही हैं। अब किसानों पर दोहरी मार पड़ गई। खट्टर सरकार को किसानों की कोई फिक्र नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने खरीद शुरू होने से पहले मंडियों में व्यवस्था के बड़े बड़े दावे किए थे, लेकिन कभी धान में नमी बताकर तो कभी बाजरे की क्वालिटी खराब बताकर खरीद न होने से सरकार के खरीद संबंधी सभी दावों की पोल खुल गई। इससे खट्टर सरकार का किसान विरोधी चेहरा सामने आ गया है।
