संपादक विक्रम सिंह
-मार्च माह में प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रत्येक बुधवार को सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक आयोजित किए जाएंगे विशेष शिविर
कुरुक्षेत्र, 1 मार्च। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि पंचायती भूमि पर 20 वर्ष पहले से निर्माणाधीन भूमि की रजिस्ट्री करवाने के लिए 15 मार्च तक ग्राम पंचायत के माध्यम से आवेदन लिए जाएंगे। ग्राम पंचायतों द्वारा शिविर लगाकर आवेदन जमा करवा सकते हैं। मार्च 2026 माह में प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रत्येक बुधवार को सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें लंबित आवेदन और सहायक दस्तावेज एकत्र किए जाएंगे।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि आम जनता की सुविधा के लिए और नियमितीकरण नीति के कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए, हरियाणा ग्राम साझा भूमि (नियमन) अधिनियम, 1961 की धारा 5ए की उपधारा (1ए) और उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के तहत अवैध कब्जे से संबंधित मामलों के नियमितीकरण के लिए आवेदन 16 जनवरी 2026 तक ऑनलाइन गूगल फॉर्म के माध्यम से आमंत्रित किए गए थे। प्राप्त आवेदनों की जांच की गई और ग्राम-वार आवेदन ग्राम पंचायतों के साथ साझा किए गए ताकि आवेदकों से संपर्क किया जा सके और उन्हें अपने दावों के समर्थन में दस्तावेज उपलब्ध कराने में सहायता की जा सके।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि आवेदन आमंत्रित करना समयबद्ध प्रक्रिया रही। यदि कोई आवेदक छूट जाता है तो वास्तविक कारणों से विलंब के लिए आवेदन पंजाब ग्राम सामान्य भूमि (विनियमन) नियम 1964 के नियम 15बी के खंड (1) के अंतर्गत ग्राम पंचायतों को प्रस्तुत किया जा सकता है। इसके लिए संबंधित बीडीपीओ यह सुनिश्चित करेगा कि छूटे हुए लाभार्थियों के लिए 15 मार्च से पहले विशेष शिविरों में आवेदन अनिवार्य रूप से एकत्र कर लिए जाएं।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि मार्च 2026 माह में प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रत्येक बुधवार को सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें लंबित आवेदन और सहायक दस्तावेज एकत्र किए जाएंगे। इस शिविर में ग्राम सचिव और सरपंच को उपस्थित रहना अनिवार्य होगा। यदि किसी ग्राम सचिव के पास एक से अधिक पंचायतों का प्रभार है, तो वह प्रत्येक पंचायत के लिए शिविरों का साप्ताहिक कार्यक्रम संबंधित बीडीपीओ को 28 फरवरी तक प्रस्तुत करेगा। शिविर के निर्धारित दिन ग्राम सचिव को कोई अवकाश नहीं दिया जाएगा।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि निर्धारित शिविरों के लिए स्थानीय गुरुद्वारों, मंदिरों आदि के माध्यम से मुनादी आयोजित की जाएगी, ताकि आवेदकों तक जानकारी पहुंच सके और वे अपने दस्तावेज आसानी से जमा कर सकें। ग्राम सचिव द्वारा 31 मार्च से पहले अवैध निर्माण और खुले स्थान की वास्तविक स्थिति को सत्यापित करने के लिए गूगल अर्थ, हरसेक प्लेटफॉर्म, ड्रोन-आधारित स्वामित्व या सर्वे ऑफ इंडिया डेटा जैसे अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी-आधारित अनुप्रयोगों का उपयोग करेंगे।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि आवेदक पंचायत के निर्णय के विरुद्ध आदेश की तिथि से 30 दिनों के भीतर अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है। पंचायत आवेदक द्वारा राशि जमा करने के 15 दिनों के भीतर विक्रय विलेख का पंजीकरण करेगी। ग्राम सचिव यह सुनिश्चित करेगा कि इन विलेखों के पंजीकरण हेतु नियमानुसार टोकन लिया जाए।













