कुरुक्षेत्र ( विक्रम सिंह ) उपायुक्त शांतनु शर्मा ने कहा कि कृषि विभाग के अधिकारी फानों में आग लगाने वाले लोगों पर पैनी निगाहें रखे हुए है। इसके साथ ही सेटलाइट के माध्यम से फानों में आग लगाने वाले व्यक्तियों पर नजर रखी जा रही है। अब तक कृषि विभाग की तरफ से फानों में आग लगाने वाले 34 किसानों पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई गई है। इन किसानों पर 87 हजार 500 रुपए का जुर्माना भी किया गया है। अहम पहलू यह है कि अगर किसानों ने फानों में आग लगाई तो एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
उपायुक्त शांतनु शर्मा ने कृषि विभाग के अधिकारियों को सख्त आदेश देते हुए कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी सुबह 11 बजे से लेकर 5 बजे तक फील्ड में रहेंगे। इन आदेशों की अवहेलना नहीं होनी चाहिए, सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में निगरानी रखेंगे ताकि कोई भी व्यक्ति फानों में आग ना लगा सके। अगर कोई किसान या व्यक्ति फानों में आग लगाता है तो तुरंत कार्रवाई अमल में लाई जाए। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र जिले में 23042 एकड में बासमती और 2 लाख 71 हजार 812 एकड रकबे में नॉन बासमती की धान की उपज होगी। अब तक इस जिले में बासमती की 5452 एकड और नॉन बासमती 76107 एकड़ भूमि पर धान की फसल की कटाई का कार्य किया जा चुका है। अब तक कृषि विभाग के अधिकारियों को विभिन्न साधनों के जरिए 22 मामलों और हरसेक के माध्यम से 16 मामलों में फानों में आग लगाने की सूचना मिली। इन सूचनाओं के आधार पर 34 जगहों पर फानों में आग लगाने की सूचना सही पाई गई। इन 34 जगहों पर आग लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। यहां पर 34 लोगों के खिलाफ चालान करके 87 हजार 500 रुपए का जुर्माना भी लगाया गया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की तरफ से फसल अवशेषों का प्रबंधन करने के लिए किसानों को आर्थिक रूप से लाभ दिया जा रहा है। किसानों को प्रति एकड़ 1 हजार रुपए की सहायता राशि उपलब्ध करवाई जा रही है। इस योजना का अधिक से अधिक किसानों को फायदा उठाना चाहिए। सीआरएम स्कीम के तहत कृषि विभाग की तरफ से आईईसी एक्टिविटी का आयोजन लगातार किया जा रहा है। इन गतिविधियों के माध्यम से किसानों को फानों में आग ना लगाने के फायदों और नुक्सान के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। कृषि विभाग की तरफ से गांव स्तर पर 195 जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा चुका है जबकि ब्लॉक स्तर पर 6 कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके है। इसके अलावा प्रचार-प्रसार के विभिन्न माध्यमों का प्रयोग किया गया है। उन्होंने कहा कि गांव-गांव में जाकर लोगों को जागरूक करने के लिए 10 वाहन भी कृषि विभाग की तरफ से भेजे गए है और कॉलेज व स्कूल स्तर पर भी 58 कार्यक्रमों का आयोजन किया जा चुका है। इन तमाम गतिविधियों पर कृषि विभाग की तरफ से लगभग 39 लाख का बजट भी खर्च किया गया है।
