कुरुक्षेत्र । 2 फरवरी को भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) की एक अहम राज्य स्तरीय बैटक जाट धर्मशाला(कुरुक्षेत्र) में भाकियू (चढूनी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी की अध्यक्षता में हुई। जिसमें हरियाणा प्रदेश के सभी ज़िलों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।मीटिंग में दो मुख्य एजेंडो पर मिशन पंजाब व मिशन यू॰पी॰ पर चर्चा की गई। मीटिंग में सर्व सहमति से मिशन पंजाब व मिशन यू॰पी॰ को मज़बूती से चलाने का प्रस्ताव पास किया गया।राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा की सरकार ने किसानो से वायदा खिलाफ़ी कर विश्वासघात किया है। सयुंक्त किसान मोर्चा द्वारा भारत सरकार से लिखित में आश्वासन प्राप्त कर किसान आंदोलन को स्थगित किया गया था। सरकार ने पत्र में किसानो की सभी लम्बित माँगो पर सहमति जताई थी। किंतु सरकार ने अभी तक अपने वायदे के अनुसार कोई भी सकारात्मक कदम नहीं उठाया है।एम॰एस॰पी॰ पर क़ानून,आंदोलन के दौरान दर्ज मुक़दमे रद्द करना,शहीद किसानो को मुआवज़ा देना व लखिमपुर खीरी नरसंहार के दोषियों को सजा देना व मुख्य आरोपी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा उर्फ़ टेनी को मंत्री मंडल से बर्खास्त करना किसानो की लम्बित माँगे थी। लेकिन सरकार ने ना तो एम॰एस॰पी॰ पर कोई कमेटी का गठन किया व ना ही लखीमपुर नरसंहार के दोषियों पर कोई करवाई की बल्कि लखिमपुर के पीड़ित किसानो पर ही (IPC 302) हत्या के मुक़द्दमे दर्ज कर गिरफ़्तार कर लिया है और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मंत्री मंडल से अजय मिश्रा को बर्खास्त ना कर लखिमपुर कांड को अपनी मौन सहमति दिए हुए है। जहाँ तक आंदोलन के दौरान दर्ज हुए मुक़द्दमों की बात है तो केवल हरियाणा में कुछ चुनिंदा केस अभी तक रद्द किए गए है और बाक़ी प्रदेशों व केंद्र में दर्ज मुक़द्दमों में किसी तरह की कोई करवाई मुक़द्दमों को वापिस लेने के लिए नहीं की गई है।.इस तरह सरकार में किसानो के साथ विश्वासघात किया है इस लिए अब मिशन बंगाल की तर्ज़ पर मिशन यू॰पी॰ चलाया जाएगा और यू॰पी॰ की जनता से किसान विरोधी भाजपा के खिलाफ वोट करने की अपील की जाएगी। और इसी के साथ व्यवस्था परिवर्तन की जो लड़ाई मिशन पंजाब के रूप से सयुंक्त संघर्ष पार्टी बनाकर पंजाब से शुरू की गई है उसे भी मज़बूती से चलाया जाएगा और हरियाणा के कार्यकर्ता व किसान टीम बनाकर पंजाब के विधानसभा हल्क़ों में चुनाव प्रचार की ज़िम्मेवारी सँभालेग़े और हरियाणा के किसानो की ज़िला वाईज़ ज़िम्मेवारी 10 विधानसभा हल्क़ों के लिए लगाई गईं है। गुरनाम चढूनी ने कहा की सभी रिवायती राजनैतिक पार्टियों ने किसानो का शोषण किया है भाजपा बेशक से काले कृषि क़ानून किसानो को ख़त्म करने के लिए लाई लेकिन इन काले क़ानूनों के आने से पहले भी किसान वेंटीलेटर पर था और भाजपा ने काले क़ानून बनाकर उस वेंटीलेटर का स्विच ऑफ़ करने का काम किया। और सभी राजनैतिक पार्टियों में अपने अपने कार्यकाल में आम जनता व कमेरे वर्ग का शोषण किया है व पूँजीपतियों के पक्ष में ही नितिया बनाई है व आज ऐसे हालात पैदा कर दिए की देश का नौजवान रोज़गार के लिए विदेशों में पलायन करने को मज़बूर है इस लिए मिशन पंजाब के माध्यम से व्यवस्था परिवर्तन के लिए बिगुल बजाया गया है और लोगों को सयुंक्त संघर्ष पार्टी के रूप में एक साफ़ सुथर प्लेटफ़ोरम प्रदान किया है जो सत्ता में आने के बाद लोकहित में कार्य करेगा व कमेरे वर्ग के हित में नितिया बनाएगा।गुरनाम चढूनी ने कहा आंदोलन कर कृषि क़ानून भले ही वापिस करवा लिए किंतु व्यवस्था परिवर्तन के लिए लम्बी लड़ाई भविष्य में लड़नी पड़ेगी जिसके लिए लोगों को तैयार रहना चाहिए। क्योंकि आंदोलन कर सरकार व प्रशासन से कोई माँग तो मनवाई जा सकती है लेकिन कोई नीति आंदोलन कर नहीं बनाई जा सकती।.इस मौक़े पर कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष कर्म सिंह मथाना,भाकियू राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश बैंस,हरपाल सुढल,कृष्ण कलाल माजरा,होशियार गिल,पूनम रेढू,सुकरमपल बेनीवाल प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारी,ज़िला प्रधान,ब्लॉक प्रधान व तमाम सेलों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
