उपायुक्त शांतनु शर्मा के आदेशानुसार राजकीय और निजी स्कूलों में बालिका मंच के तहत लगाए जाए मन की बात के सत्र, बालिका मंच की कमेटी को सक्रियता से निभानी होगी भूमिका, स्कूल की महिला टीचर इंचार्ज को दिया जाए प्रशिक्षण, कैथल और जींद की घटनाओं के बाद जिला प्रशासन ने जारी की एसओपी
कुरुक्षेत्र ( विक्रम सिंह ) नगराधीश हरप्रीत कौर ने कहा कि कुरुक्षेत्र के राजकीय और निजी स्कूलों में बच्चों के साथ छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा जारी स्टेंडर्ड आप्रेटिंग सिस्टम (एसओपी) की सख्ती से पालना करनी होगी। सभी स्कूलों में प्रधानाचार्य व इंचार्ज बच्चों के लिए एक अच्छा वातावरण बनाएंगे और गुड टच और बैड टच के बारे में बच्चों को जागरुक करेंगे। इतना ही नहीं स्कूल की महिला शिक्षिकों को बालिका मंच के तहत मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञ से प्रशिक्षण दिया जाए। इन आदेशों की अवहेलना करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
नगराधीश हरप्रीत कौर ने मंगलवार को बातचीत करते हुए कहा कि उपायुक्त शांतनु शर्मा के आदेशानुसार कैथल और जींद जैसी घटनाओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन कुरुक्षेत्र की तरफ से सभी राजकीय और निजी स्कूलों में एसओपी जारी कर दिया गया है। इस एसओपी को लेकर सभी प्रिंसिपलों को विस्तृत जानकारी भी दे दी गई है। सभी स्कूलों में बालिका मंच को सक्रिय भूमिका अदा करने के लिए कहा गया है। इस बालिका मंच के माध्यम से प्रत्येक स्कूल में मन की बात को लेकर सैशन आयोजित किए जाए और प्रत्येक स्कूल में गठित कमेटी ओरिएंटेशन और सेमिनार जैसे कार्यक्रमों का स्कूल के शिक्षिकों और कर्मचारियों के लिए आयोजन करें तथा बच्चों को डिसक्रिमिनेशसन एवं सेक्सुअल हरासमेंट जैसे मुद्दों के प्रति जागरुक भी किया जाए।
उन्होंने कहा कि खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय और स्कूलों में सुझाव और शिकायत बॉक्स भी लगाए जाएंगे। कोई भी विद्यार्थी और अभिभावक इस बाक्स में अपना सुुझाव और शिकायत डाल सकता है। इस सुझाव बॉक्स को स्कूल द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारी रोजाना चैक करेंगे और नियमानुसार कार्रवाई करना सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा कोई भी अभिभावक और विद्यार्थी ईमेल पोस्को-केआरके.आरईवीएटदरेटएचआरवाई.जीओवी.इन पर मेल कर शिकायत दर्ज करवा सकता है। इसके अलावा पीटीएम का नियमित आयोजन किया जाए ताकि स्कूल में एक अच्छा वातावरण बन सके। सभी स्कूलों में एंटी सेक्सुअल हरासमेंट कमेटी का गठन किया जाना बहुत जरुरी है और पीजीटी साईक्लोजी शिक्षक को वरियता के आधार पर नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए, अगर स्कूल में महिला शिक्षक ना हो। यह कमेटी ही गल्र्स विद्यार्थियों के साथ मन की बात कार्यक्रम का आयोजन करें और इसकी बकायदा प्रोसिडिंग भी तैयार करे।
उन्होंने कहा कि उपायुक्त शांतनु शर्मा के आदेशानुसार प्रत्येक स्कूल को सीसीटीवी कैमरों को कक्षाओं और स्कूल प्रागणों में लगवाना सुनिश्चित करना चाहिए तथा इन कैमरों की नियमित रुप से निगरानी भी की जानी चाहिए। सभी कक्षाओं को खुला रखना सुनिश्चित करना चाहिए और किसी भी कक्षा में विद्यार्थियों की उपस्थिति के दौरान ब्लाईंड और पर्दों को खुला रखना होगा। सभी स्कूलों में पोस्को एक्ट को लेकर वर्कशॉप का आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि स्कूली बसों में भी एक महिला शिक्षक और एक महिला स्टाफ की डयूटी लगाना बहुत जरुरी है।
