सरकार ने 9 सालों में ऑटो अपील सिस्टम से आम व्यक्ति तक पारदर्शिता से लाभ पहुंच व जवाबदेही को किया तय:जगमोहन

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मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में सरकार ने लोगों की सेवा करने के पूरे किए 9 साल, प्रदेश में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बेमिसाल बनाने पर खर्च किए हजारों करोड़ के बजट, प्रदेश सरकार ने हर वर्ग के लिए लागू की जनकल्याणकारी नीतियां, नीतियों से मिला समाज के अंतिम व्यक्ति को फायदा
कुरुक्षेत्र ( विक्रम सिंह )   मुख्यमंत्री के मीडिया कोर्डिनेटर जगमोहन आनंद ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने 9 साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है। इस 9 साल के कार्यकाल में सरकार ने ऑटो अपील सिस्टम से सरकार की योजनाओं को पारदर्शिता के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और जवाबदेही तय करने की मिसाल कायम की है। इस सरकार ने सडक़ों, पीने का पानी, सीवरेज, ग्रामीण क्षेत्र का चहुंमुखी विकास, गरीबों की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ हर वर्ग के लिए जनकल्याणकारी नीतियां लागू की और इन नीतियों का 100 फीसदी लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा है।
मीडिया कोर्डिनेटर जगमोहन आनंद ने बातचीत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में 9साल पूरा करने वाली सरकार ने प्रत्येक व्यवस्था समकालीन जरूरतों और लक्ष्य को केन्द्र में रखकर बनाई। इन 9 सालों में सरकार केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने तक सीमित नहीं है अपितु प्रदेश के हैप्पीनेस इंडेक्स को आगे बढाने के लक्ष्य के साथ ईज आफ लिविंग की दिशा में निरंतर काम किया है। इससे आने वाला हरियाणा 21वीं सदी का विकसित प्रदेश होगा। जहां शांति, सदभावना और आपसी भाईचारे की कड़ियां और मजबूत होगी। इस सरकार ने हरियाणा का हर जिला नेशनल हाईवे से जोडा, 10 हजार 6646 करोड़ की लागत से कुरुक्षेत्र के इस्माईलाबाद को नारनौल तक यानी अंबाला कोटपुतली ग्रीन फील्ड कॉरिडोर 152 डी का निर्माण पूरा किया। इस सरकार ने हिसार में प्रदेश का पहला हवाई अड्डा बनाया और अब अंबाला में दूसरे हवाई अड्डे का निर्माण कार्य शुरू करवाया है। इस सरकार ने 5618 करोड़ की लागत से हरियाणा ऑर्बिटल रेल कोरिडोर का कार्य प्रगति पर है और देश की पहली 5 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रेलवे लाइन का निर्माण कार्य रोहतक में पूरा किया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने बुजुर्गों व अन्य पेंशन धारकों की टेंशन समाप्त करने के लिए खातों में सीधी पेंशन जमा करवाने का एक अनोखा काम किया। प्रदेश में सर्वाधिक 2750 रुपए मासिक सुरक्षा पेंशन देने का काम किया। सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि में बढोतरी महंगाई के अनुसार करने का फैसला लिया, बुढ़ापा व दिव्यांग पेंशन को पहचान पत्र के साथ जोड़ा गया। अब तक 1 लाख 7 हजार से ज्यादा व 13 हजार से ज्यादा दिव्यांगों की पेंशन घर बैठे शुरू की गई। इतना ही नहीं बुढ़ापा पेंशन के लिए आय की पात्रता सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 3 लाख की गई। सरकार ने आयुष्मान भारत योजना का विस्तार कर चिरायु योजना को लागू किया। इस योजना से परिवार की वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार से बढ़ाकर 3 लाख रुपए तक की। इस योजना के तहत 5 लाख रुपए तक का इलाज मात्र 1500 रुपए वार्षिक अंशदान देने पर करवाया जा सकेगा। हरियाणा सरकार ने एक और अच्छी पहल शुरू करते हुए गरीब कल्याण के लिए परिवार पहचान पत्र में बीपीएल कार्ड धारकों के लिए बिजली स्लैब को समाप्त किया गया और 1 लाख 80 हजार वार्षिक आय वाले सभी बीपीएल कार्ड धारक परिवारों को प्रति माह 2 लीटर सरसों का तेल देने का फैसला लिया गया।
उन्होंने कहा कि हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य है जिसने किसानों के हित में फैसला लेते हुए सितंबर माह में खरीफ फसलों की खरीद शुरू की। सरकार ने पुलिस कर्मचारियों के हित में फैसला लेते हुए विभिन्न भत्तों में अढाई गुणा बढ़ोतरी की। थानों की अब 1 से 7 तक स्टार रैंकिंग की जाएगी, राशन मनी को डाइट मनी के नाम से पुकारा जाएगा। पुलिस कर्मियों के कन्वेयंस अलाउंस में 6 गुणा बढ़ोतरी, डीएसपी को भर्ती के समय अब 10 हजार रुपए वार्षिक वर्दी भत्ता मिलेगा, हरियाणा पुलिस प्रशिक्षण केन्द्रों में कार्यरत स्टाफ को विशेष भत्ते के रूप में 20 प्रतिशत अतिरिक्त राशि देने तथा हर पुलिस लाइन में ई लाइब्रेरी खुलवाने का कार्य प्रदेश सरकार द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री ने सम्पत्ति कर के बकायदारों को बड़ी राहत दी और लगभग 8 हजार करोड़ रुपए की राशि को माफ करने का काम किया। अभी हाल में ही प्रदेश में बाढ़ के कारण लोगों की संपत्ति और फसलों का नुकसान हुआ। इस विषय को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने 7 करोड़ 50 लाख से अधिक की राशि सीधा खातों में भेजने का काम किया और मृतकों के परिजनों को भी 1 करोड 60 लाख रुपए की राशि मुहैया करवाने का काम किया।
मुख्यमंत्री के मीडिया कोर्डिनेटर ने कहा कि हरियाणा में सम्पत्ति हस्तांतरण की प्रक्रिया को आसान किया और रजिस्ट्रीकरण एक्ट 1908 के अंतर्गत बदलाव किया तथा धारा 17 व 18 के तहत सब डिविजन को उपजिला के रूप में गठित किया। सरकार ने लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ देने और प्रदेश को चिकित्सकों की कमी से दूर करने के लिए अपने 9 सालों के कार्यकाल में मेडिकल विश्वविद्यालयों की संख्या 2 मेडिकल कॉलेजों की संख्या 15, एमबीबीएस सीटों की संख्या 2185 और कुल पीजी की सीटों के संख्या 1002 तक बढ़ाने का काम किया। इसके अलावा प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने की प्रक्रिया को निरंतर जारी रखा हुआ है। सरकार ने अपने कार्यकाल में जल आपूर्ति में सुधार के प्रयासों के लिए एक बेहतरीन पहल की है। इससे प्रदेश के कैथल, सिरसा, रोहतक व जींद जिलों में ग्रामीण संवर्धन कार्यक्रम के तहत 113 करोड़ के 10 नए कार्यों को मंजूरी दी, प्रदेश में युवाओं को रोजगार के अवसर देने के लिए वर्ष 2014 से 2023 तक प्रदेश में 1 लाख 10 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी। जहां सरकारी नौकरियों में पर्ची और खर्ची प्रणाली को समाप्त किया और निजी क्षेत्रों में भी युवाओं को रोजगार देने के लिए कौशल विकास जैसी योजनाओं को अमलीजामा पहनाया। खेलों के क्षेत्र में भी सरकार ने ओलंपिक में मेडल जीतने पर स्वर्ण पदक को 6 करोड़, रजत को 4 करोड़ और कांस्य को अढाई करोड़ तथा एशियन गेम्स में स्वर्ण मेडल जीतने पर 3 करोड़ ,रजत पदक 1 करोड़ 50 लाख और कांस्य पदक जीतने पर 75 लाख रुपए की राशि देकर खेलों के मैदान तक पहुंचने के लिए प्रेरित किया। अभी हाल में ही सरकार ने आशा वर्करों को भी दीपावली का उपहार दिया और मासिक वेतन में 2100 रुपए की बढोतरी की तथा सेवाविृति पर 2 लाख रुपए देने का फैसला लिया।

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