बिजली संकट के बीच पूर्व राज्य मंत्री सुभाष सुधा ने संभाली पेयजल व्यवस्था की कमान

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SUBHASH SUDHA
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शहरभर में 41 जनरेटर अलग-अलग ट्यूबवेलों पर करवाए तैनात, रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक चला अभियान
कुरुक्षेत्र। ( विक्रम सिंह ) बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से पेयजल व्यवस्था पर पड़ रहे असर को देखते हुए पूर्व राज्य मंत्री श्री सुभाष सुधा जी ने देर रात स्वयं मोर्चा संभालते हुए शहरवासियों को पेयजल संकट से राहत दिलाने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए।
पानी की समस्या को देखते हुए शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थित ट्यूबवेलों को चालू रखने के लिए कुल 41 जनरेटरों की व्यवस्था कर उन्हें विभिन्न ट्यूबवेलों पर तैनात करवाया गया। इस पूरी व्यवस्था के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि बिजली आपूर्ति बाधित होने के बावजूद आवश्यक ट्यूबवेल चलते रहें और लोगों को पेयजल की समस्या का सामना न करना पड़े।
यह अभियान रात करीब 11 बजे शुरू हुआ और सुबह 9 बजे तक लगातार चलता रहा। इस दौरान शहर के अलग-अलग स्थानों से जनरेटरों को चिन्हित कर उन्हें आवश्यकता के अनुसार एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाया गया तथा संबंधित ट्यूबवेलों पर फिट करवाया गया। पूरी रात अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय प्रतिनिधियों की टीम अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय रही।
पूर्व राज्य मंत्री श्री सुभाष सुधा जी ने कहा कि बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में सबसे बड़ी चिंता शहरवासियों के लिए पेयजल व्यवस्था को लेकर थी। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में लोगों तक पानी की आपूर्ति प्रभावित नहीं होने दी जाएगी और जिन क्षेत्रों में ट्यूबवेल बिजली के अभाव में बंद होने की स्थिति में थे, वहां तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में जनरेटर उपलब्ध करवाए गए।
उन्होंने कहा कि प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय बनाकर यह कार्य किया गया, ताकि शहर के अधिक से अधिक क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को सामान्य रखा जा सके। रातभर चले इस अभियान का उद्देश्य यही रहा कि बिजली संकट का सीधा असर आम जनता की मूलभूत जरूरत पानी पर न पड़े।
इस दौरान एसडीएम अमन कुमार, पब्लिक हेल्थ विभाग के एक्सईएन सुमित गर्ग, नगर पार्षद सतीश मदान , कवी बजाज, सुधीर चुघ सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की टीम ने रातभर अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और जहां आवश्यकता महसूस हुई, वहां तत्काल जनरेटर उपलब्ध करवाकर ट्यूबवेलों को संचालित करवाया गया। कई स्थानों पर जनरेटरों को दूसरे क्षेत्रों से हटाकर उन स्थानों पर पहुंचाया गया, जहां पानी की आपूर्ति बनाए रखने के लिए उनकी तत्काल आवश्यकता थी।
पूर्व राज्य मंत्री सुभाष सुधा ने कहा कि संकट की घड़ी में जनता के साथ खड़ा रहना ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के कारण उत्पन्न परिस्थितियों में प्रशासन के साथ मिलकर हर संभव प्रयास किया जा रहा है, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। विशेष रूप से पेयजल जैसी मूलभूत आवश्यकता को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों और विभागीय कर्मचारियों द्वारा रातभर किए गए कार्य की सराहना करते हुए कहा कि सभी ने पूरी जिम्मेदारी और तत्परता के साथ काम किया। रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक चले इस अभियान में 41 जनरेटरों को अलग-अलग ट्यूबवेलों पर स्थापित करवाना इसी सामूहिक प्रयास का परिणाम है।
उन्होंने शहरवासियों से भी अपील की कि वर्तमान परिस्थितियों में थोड़ा धैर्य रखें और पानी का अनावश्यक अपव्यय न करें। प्रशासन की ओर से पेयजल व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी की जाएंगी।
पूर्व राज्य मंत्री सुभाष सुधा ने कहा कि जनता की मूलभूत सुविधाओं को बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और कुरुक्षेत्र शहर में किसी भी नागरिक को पेयजल को लेकर परेशानी न हो, इसके लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा।

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